ब्राजील की प्रमुख बैंकों ने कहा, देश का चीनी उद्योग वित्तीय संकटों से घिरा

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Image Credits: Getty Images

साओ पाउलो : ब्राजील के कृषि क्षेत्र में परिचालन करने वाले बैंको का कहना है की, देश के गन्ना उद्योग में कई कंपनियां बिलों का भुगतान करने के लिए पर्याप्त पैसा कमाने में विफल हुई हैं और बेहतर पूंजीकृत समूह भी चीनी उद्योग में निवेश करने को तैयार नहीं हैं। इससे चीनी उद्योग और तेजी से प्रभावित हो रहा है।

ब्राजील का एक प्रमुख बैंक इटाउ बीबीए के कृषि कारोबार के प्रमुख पेड्रो फर्नांडीस ने कहा की, देश के शीर्ष गन्ना क्षेत्र में 18 चीनी और इथेनॉल कंपनियां वर्तमान में अपने परिचालन को बनाए रखने के लिए पर्याप्त नकद भी जुटा नहीं पा रही हैं। यह निष्कर्ष ब्राजील के मध्य-दक्षिण क्षेत्र में 75 चीनी और इथेनॉल उत्पादकों की वित्तीय स्थिति का इटाउ बीबीए द्वारा किए गए मूल्यांकन के बाद आया है, जो इस साल अनुमान 560 मिलियन टन से 475 मिलियन टन गन्ना ही क्रशिंग करने की सम्भावना है।

ब्राजील के मध्य-दक्षिण क्षेत्र में 75 चीनी और इथेनॉल उत्पादकों में केवल 35 कंपनियों की वित्तीय स्थिति ही गन्ना क्रशिंग क्षमता और कमाई के हिसाब से ठीकठाक है, अन्य चीनी मिलें आर्थिक हालात से संघर्ष कर रही है । फर्नांडीस ने कहा कि, चीनी की लगातर फिसलती कीमतों ने कई चीनी मिलें घाटे में चली गई है, उसकी वजह से कई मिलें गन्ना क्षेत्रों में निवेश करने में सक्षम नहीं हैं और ऐसी स्थिति से गन्ना क्रशिंग में भी गिरावट देखि जा रही है । हाल ही में चीनी की अत्यधिक आपूर्ति के कारण वैश्विक बाजार में चीनी की कीमतें 10 वर्षों में निम्नतम स्तर तक पहुंच गईं। इससे ब्राजील का चीनी उद्योग भी बहुत आहत हुआ है ।

साओ पाउलो में राबोबैंक के प्रबंधक मनोएल डी क्विरोज़ ने कहा की, चीनी की गिरती दरों का असर गन्ना क्रशिंग में भी दिखाई दे रहा है, अभीतक 70 से अधिक चीनी मिलों को बंद कर दिया गया है, और जहां जिस चीनी मिलों की क्रशिंग क्षमता 12 मिलियन टन है, वो 6 मिलियन टन ही क्रशिंग कर रही हैं। पांच या छह मिलों वाले कुछ समूह एक या दो मिलें ही चला पा रहे हैं ।

ब्राजील में गन्ना फसल उत्पादन लगातार तिसरे साल 2018 में गिर गया है, क्यों की लगातार हो रहे घाटे के कारण गन्ना फसल के क्षेत्र में कमी आयी है। क्विरोज़ ने कहा, गन्ना फसल उत्पादन 100 मिलियन टन से अधिक हो सकता है, लेकिन चीनी की दर में गिरावट के चलते किसान, चीनी मिलें कोई भी गन्ना उत्पादन बढ़ाना नही चाहते है।

एफजी / ए कंसल्टेंसी के विश्लेषक विलियम हर्नैंड्स ने कहा कि, ब्राजील की चीनी कंपनियों से अच्छा मुनाफा मिलने की संभावनाए काफी कम होने के चलते चीनी उद्योग में निवेश बहुत कम हो रहा है, और चीनी उद्योग के विस्तार भी इससे प्रभावित हो रहा है। बीटीजी पक्टुअल बैंक के विश्लेषक थियागो डुएर्ट का मानना है की, फिलहाल, चीनी क्षेत्र में निवेश की गई पूंजी पर वापस मिलने वाली पूंजी लागत से बहुत नीचे है, बहुत से लोग लागत से पैसे खो रहे हैं।

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