गन्ना बकाया… अब तो बजट से ही किसानों को राहत की उम्मीद

इंडियान शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के मुताबिक, मौजूद सीजन में बकाया राशि पिछले सीजन के करीब 10,600 करोड़ रुपये के मुकाबले 19,000 करोड़ रुपये काफी ज्यादा है।

नई दिल्ली : चीनी मंडी

देश में किसानों से लेकर राजनेताओं तक किसी का भी मिठे गन्ने के नाम से भी मुह कडवा होने लगता है और इसकी एकमात्र वजह है मिलों के पास करोडों का बकाया ।  गन्ना किसानों के भुगतान का मुद्दा हर बार बड़े स्तर पर उठता है, सत्ता में होनेवाली कोई भी सरकारें बड़े-बड़े दावे करती हैं, लेकिन इस समस्या का समाधान होता नजर नहीं आ रहा है ।  वर्तमान में देशभर के गन्ना उत्पादकों की चीनी मिलों पर बकाया रकम 31 दिसंबर, 2018 तक बढ़कर करीब 19,000 करोड़ रुपये हो गया है,  जिसमें पिछले साल का 2,800 करोड़ रुपये का बकाया भी शामिल है ।

गन्ना किसानों को जो कुछ भी उम्मीद है, वो 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट से ही है कि,  सरकार बजट में गन्ना किसानों को राहत देने के लिए कुछ बड़े कदम उठाने की सम्भावना बनी हुई, है। इंडियान शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के अनुसार मौजूद सीजन में बकाया राशि पिछले सीजन के करीब 10,600 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी ज्यादा है।

इस्मा’ द्वारा चीनी उत्पादन के अनुमान में कटौती…

‘इस्मा’ ने चालू गन्ना पेराई सत्र 2018-19 (अक्टूबर-सितंबर) में चीनी उत्पादन अनुमान में 8 लाख टन की कटौती की है, ताजा आकलन के अनुसार, देश में चालू पेराई सत्र में 307 लाख टन चीनी का उत्पादन होने का अनुमान है । सीजन के आरंभ में अक्टूबर में ‘इस्मा’ ने चीनी का उत्पादन 315 लाख टन होने का अनुमान जारी किया था. ‘इस्मा’ ने  फिर जनवरी के दूसरे सप्ताह में उपग्रह द्वारा प्राप्त गन्ने के रकबे के आधार पर ताजा अनुमान जारी किया है, उसके अनुसार इस साल सीधा गन्ने के रस से इथेनॉल का उत्पादन होने से चीनी उत्पादन में पांच लाख टन की कमी आ सकती है।

‘इस्मा’ के अनुसार, 15 जनवरी तक देशभर में शुरू 510 मिलों में चीनी का 146.86 लाख टन उत्पादन  हुआ है, जो कि पिछले साल की समान अवधि से 8.32 फीसदी अधिक है ।  पिछले साल देशभर में 15 जनवरी तक चीनी का उत्पादन 135.57 लाख टन हुआ था. उत्तर प्रदेश की 117 चीनी मिलों ने 382.1 लाख टन गन्ने की पेराई करके 41.93 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है । ‘इस्मा’ के अनुसार, चालू सत्र में उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन 112.86 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि पिछले साल प्रदेश में 120.45 लाख टन चीनी उत्पादन हुआ था।

महाराष्ट्र की 188 मिलों ने 15 जनवरी तक 57.25 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के उत्पादन से सात लाख टन ज्यादा है । महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन चालू सत्र में 95 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल 107.23 लाख हुआ था । उद्योग संगठन ने बताया कि चालू चीनी उत्पादन व विपणन वर्ष 2018-19 (अक्टूबर-सितंबर) में चीनी निर्यात का अनुमान 30-35 लाख टन जितना है, जबकि एमआईईक्यू के तहत 50 लाख टन निर्यात का कोटा तय किया गया है ।

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SOURCEChiniMandi

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