त्रिवेणी चीनी मिल में बाधित हो सकता है कार्य

देवबंद (सहारनपुर): दिवाली आते ही सारे उद्योग संस्थानों में बोनस को लेकर चर्चा शुरु हो जाती है। संस्थान के प्रबंधक नियमों के अनुसार अपने कर्मचारियों को बोनस देते हैं। इसे लेकर अक्सर कर्मचारियों में नाराजगी ही रहती है। त्रिवेणी चीनी मिल के कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने 20 प्रतिशत तक बोनस देने का वादा किया था, लेकिन दिया सिर्फ 8.33 प्रतिशत। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें पूरा 20 प्रतिशत बोनस नहीं दिया गया तो वे टूल डाउन हड़ताल करेंगे।

युक्त मोर्चा चीनी मिल मजदूर संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारियों ने बोनस को लेकर गत दिनों धरना प्रदर्शन किया और अपनी मांगो को लेकर त्रिवेणी चीनी मिल के उपाध्यक्ष को ज्ञापन दिया। मिल के उपाध्यक्ष दीनानाथ मिश्र ने कहा कि चीनी मिलें अतिरिक्त लाभ पर ही 20 प्रतिशत बोनस देती हैं। यदि मिलें घाटे में रहती हैं तो कर्मचारियों को कानूनन केवल 8.33 प्रतिशत ही बोनस दिया जाता है। उन्होंने कहा कि चूंकि त्रिवेणी चीनी मिल को इस बार लाभ नहीं है, इसलिए केवल 8.33 प्रतिशत बोनस दिया गया है।

उत्तर प्रदेश में चीनी मिलें आर्थिक तंगी से परेशान है, जिसके कारण वे गन्ना बकाया चुकाने में भी विफल रहे है। उनका मानना है की अगर वे घाटे में रहेंगे तो, अधिक बोनस देना उनके लिए कठिन होगा।

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