कबीरधाम : जिले में किसान गन्ना फसल से दूरी बनाते नजर आ रहे है, और इसका सीधा असर मिलों की पेराई पर हो रहा है। पत्रिका में प्रकाशित खबर के अनुसार, राम्हेपुर में भोरमदेव सहकारी चीनी मिल और पंडरिया में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी चीनी मिल है।इन दोनों मिलों में औसतन 160 दिनों तक गन्ना की खरीदी प्रक्रिया निर्धारित है, लेकिन इस साल गन्ने की कमी के चलते 28 फरवरी तक बमुश्किल ही गन्ना पेराई हो सकी।
खबर के मुताबिक, दोनों मिलों को 19 हजार 385 किसानों द्वारा 4 लाख 28 हजार 330.9 मीट्रिक टन गन्ना की आपूर्ति की गई।315.10 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर इसकी कुल राशि 135 करोड़ रुपए होती है। जबकि पिछले साल केवल भोरमदेव चीनी मिल में ही किसानों ने 149.34 करोड़ रुपए के गन्ने की आपूर्ति की थी।लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी चीनी मिल को किसानों द्वारा 122.91 करोड़ रुपए के गन्ने की आपूर्ति की गई।किसानों की गन्ना फसल में दिलचस्पी कम होती दिखाई दे रही है।इस सीजन में 50 प्रतिशत ही गन्ने की आपूर्ति हो सकी है। फसल की बढती लागत और मिलों द्वारा भुगतान में देरी से परेशान किसानों ने और फसलों की ओर रुख किया है। अगर स्थिति में सुधर नही हुआ तो चीनी मिलों को पूरी क्षमता से चलने में परेशानी हो सकती है।