वैश्विक जैव ईंधन बाजार वर्तमान में 92 बिलियन डॉलर से बढ़कर बहुत जल्द 200 बिलियन डॉलर हो जाएगा: हरदीप सिंह पुरी

हरित और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में भारत द्वारा की गई तेज प्रगति के बारे में चर्चा करते हुए, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि नवंबर, 2022 तक जैव ईंधन मिश्रण पर 10 प्रतिशत का लक्ष्य 5 महीने में पहले ही हासिल कर लिया गया है। साथ ही, 20 प्रतिशत जैव ईंधन सम्मिश्रण के लिए पहले से निर्धारित लक्ष्य 2030 के स्थान पर इसे 2025 कर दिया गया है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री पुरी 26वीं ऊर्जा प्रौद्योगिकी बैठक के उद्घाटन के अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।

ऊर्जा क्षेत्र में 3 चुनौतियों यानी उपलब्धता, सामर्थ्य और स्थिरता के प्रबंधन के बारे में उन्होंने कहा कि शुरुआत के लिए हमने स्थिरता से जुड़ी चुनौती पर हमारी गति धीमी नहीं रही, बल्कि हम तेजी से आगे बढ़े हैं।

श्री पुरी ने कहा कि धीरे-धीरे किंतु निश्चित तौर पर हम 20 प्रतिशत की इस सीमा को हटा रहे हैं, क्योंकि यह सीमा हमने खुद पर लगाई थी। ऑटोमोबाइल कंपनियों ने कहा था कि 20 प्रतिशत तक मिश्रण के लिए इंजन में ज्यादा बदलाव की आवश्यकता नहीं है। लेकिन अब, उन्होंने कहा, हमारे पास 20 प्रतिशत मिश्रित ईंधन है, और इथेनॉल और बायोगैस संयंत्र आदि स्थापित करने की प्रक्रिया सख्ती से चल रही है। ऑटोमोबाइल निर्माता भी तकनीकी प्रगति के मामले में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने इंडियन ऑयल द्वारा हाल ही में लॉन्च की गई ग्रीन हाइड्रोजन बस का उदाहरण देते हुए कहा कि अब हम नई तकनीकी मानसिकता में प्रवेश कर रहे हैं, हमारे पास इलेक्ट्रिक कारें और अन्य फ्लेक्सी-फ्यूल वाहन हैं।

देश में ऊर्जा की बढ़ती मांग के बारे में श्री पुरी ने कहा कि भारत की ऊर्जा संबंधी मांग भविष्य के आर्थिक विकास के लिए ईंधन प्रदान करती रहेगी और आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ने के लिए बाध्य है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता, तीसरा सबसे बड़ा एलपीजी उपभोक्ता, चौथा सबसे बड़ा एलएनजी आयातक, चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर, चौथा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगले दो दशकों में ऊर्जा की वैश्विक मांग में वृद्धि के संदर्भ में भारत की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत रहने की संभावना है।

बायोफ्यूल्स एलायंस के लॉन्च के साथ, श्री पुरी ने कहा कि वैश्विक जैव ईंधन बाजार वर्तमान में 92 बिलियन डॉलर से बढ़कर बहुत जल्द 200 बिलियन डॉलर हो जाएगा। हालांकि, यह हमारी पहल का अंत नहीं है। जैव ईंधन पर हमारी वास्तविक पहल अभी शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि 10 प्रतिशत इथेनॉल सम्मिश्रण से आयात पर आने वाले खर्च में काफी कमी हुई है और 20 प्रतिशत सम्मिश्रण के साथ यह और भी कम होगा।

श्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि किसी देश के विकास को निर्धारित करने का सबसे अच्छा साधन उसकी ऊर्जा की खपत का मूल्यांकन करना है। भारत की ऊर्जा खपत वैश्विक औसत से 3 गुना है। अपनी बात को जारी रखते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि हमें इस तरह की और अधिक सभाएं करनी चाहिए, अधिक देशों को इसके लिए आगे आने और सभी चर्चाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) और नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) के सहयोग से सेंटर फॉर हाइ टेक्नोलॉजी (सीएचटी) 9-11 अक्टूबर, 2023 के दौरान अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी सह कन्वेंशन सेंटर (भारत मंडपम), प्रगति मैदान, नई दिल्ली में 26वीं ऊर्जा प्रौद्योगिकी बैठक (ईटीएम) का आयोजन कर रही है।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा श्रम और रोजगार राज्य मंत्री श्री रामेश्वर तेली, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में सचिव श्री पंकज जैन और प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. अनिल काकोडकर और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के हाइड्रोकार्बन पर वैज्ञानिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष, तेल कंपनियों के सीएमडी, निदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में किया।

(Source: PIB)

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