कुशीनगर: कप्तानगंज चीनी मिल फिर से शुरू होने के आसार है। किसानों के गन्ना मूल्य बकाया के बाद चीनी मिल को तहसील प्रशासन ने सील कर दिया था और मिल नीलामी की तैयारी चल रही थी। भुगतान का दावा करने पर हाईकोर्ट के नीलामी के आदेश पर रोक लगाई। अगले सत्र में चीनी मिल चलाने के लिए मरम्मत कराने के लिए जिला प्रशासन के आदेश पर तहसील प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया के तहत चीनी मिल का ताला खोल दिया। इससे इलाकें के किसानों को बड़ी राहत मिली है।
अमर उजाला में प्रकाशित खबर के अनुसार, कप्तानगंज चीनी मिल पर पेराई सत्र 2021-22 का किसानों का करोड़ों रुपये गन्ना मूल्य का बकाया भुगतान नहीं होने पर किसानों ने आंदोलन शुरू कर दिया। तहसील प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया को अपनाते हुए जुलाई वर्ष 2023 में चीनी मिल को सील कर दिया और मिल प्रबंधन को नोटिस जारी कर नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी, ताकि इसे बेचकर गन्ना किसानों का बकाया भुगतान किया जा सके। चीनी मिल प्रबंधन ने हाईकोर्ट में किसानों का संपूर्ण बकाया भुगतान अप्रैल महीने तक किश्तों में करने की बात अधिवक्ता के माध्यम से रखी थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने नीलामी पर रोक लगाने का आदेश दिया। एसडीएम विकास चंद ने बताया कि,चीनी मिल प्रबंधन किसानों का अप्रैल तक बकाया भुगतान कर देगा। अगले पेराई सत्र के लिए चीनी मिल में लगे उपकरणों के मरम्मत के लिए ताला खोला गया है।