पीलीभीत, उत्तर प्रदेश: पिछले साल हुई बारिश और बाढ़ ने गन्ने की फसल को काफी नुकसान पहुँचाया। इससे गन्ना उत्पादन घट गया और चीनी मिलों के पेराई पर भी गहरा असर हुआ। पीलीभीत जिले की चारों चीनी मिलों को पिछले साल की तुलना में इस सीजन में करीब 20 लाख क्विंटल कम गन्ने की आपूर्ति हुई। इसके चलते चार लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन घट गया।‘ अमर उजाला’ में प्रकाशित खबर के अनुसार, बाढ़ की वजह से जिले में किसानों की 10,922 हेक्टेयर गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा था। चीनी मिलों का पेराई सत्र समय से पहले बंद हुआ है।
गन्ना उत्पादन गिरावट से इस बार मिल और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी गांवों में कार्यक्रम कर किसानों को गन्ना बुआई के लिए प्रेरित कर रहे हैं। रविवार को शहर की एलएच चीनी मिल का पेराई सत्र भी समाप्त हो गया। बजाज चीनी मिल बरखेड़ा, सहकारी चीनी मिल बीसलपुर और पूरनपुर का पेराई सत्र बंद हुए कई दिन बीत चुके हैं।
सबसे कम करीब 10 लाख क्विंटल गन्ना बरखेड़ा की बजाज चीनी मिल को मिला। पूरनपुर और बीसलपुर सहकारी चीनी मिल को करीब तीन-तीन लाख क्विंटल गन्ने की कम आपूर्ति हुई। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि, इस बार जिले में करीब चार क्विंटल चीनी का उत्पादन कम हुआ है।