महाराष्ट्र में गन्ना पेराई सत्र समाप्ति की ओर, 186 मिलें हुई बंद

पुणे : महाराष्ट्र में गन्ना पेराई सत्र समाप्ति के करीब है, 2024-25 सत्र में भाग लेने वाली 200 मिलों में से केवल 14 मिलें ही अभी चालू हैं। कोल्हापुर, सोलापुर और अमरावती क्षेत्रों की मिलें पहले ही अपना पेराई कार्य पूरा कर चुकी हैं। चीनी आयुक्तालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, 25 मार्च तक राज्य की 186 चीनी मिलों ने अपना परिचालन समाप्त कर लिया था। इसमें सोलापुर की 45 मिलें, कोल्हापुर की 40 मिलें, पुणे की 27 मिलें, नांदेड़ की 26 मिलें, छत्रपति संभाजीनगर की 21 मिलें, अहिल्यानगर की 24 मिलें और अमरावती की 3 मिलें शामिल हैं। इसकी तुलना में, पिछले सत्र में इसी समय तक 149 मिलें बंद हो चुकी थीं।

महाराष्ट्र में 2024-25 सीजन के लिए चीनी उत्पादन 798.08 लाख क्विंटल (करीब 79.80 लाख टन) तक पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी अवधि के दौरान उत्पादित 1073.37 लाख क्विंटल से कम है। 25 मार्च तक, राज्य की मिलों ने पिछले सीजन के 1050.81 लाख टन की तुलना में 843.85 लाख टन गन्ने की पेराई की है। राज्य की कुल चीनी रिकवरी दर 9.46% है, जो पिछले साल इसी अवधि के दौरान 10.21% रिकवरी दर से कम है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि, सीजन के पहले खत्म होने का कारण कम पैदावार और पेराई क्षमता में वृद्धि हो सकती है। इस सीजन में चीनी उत्पादन में कमी मुख्य रूप से पेराई शुरू होने में देरी, एथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी का डायवर्जन और पैदावार में गिरावट के कारण है।

 

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